~ डॉ. अशोक कुमार पाण्डेय
दंत चिकित्सा विभाग, राम मनोहर लोहिया अस्पताल, दिल्ली
सब में ज्ञान की गंगा हो
कोई भूखा ना नंगा हो
इंसान लोगों से जंग न हो
ना कहीं कोई दंगा हो
सबको काम और धंधा हो
तब जाके यह कहना होगा,
सबके घर में तिरंगा हो।
मजहब की कोई बात नहीं
छोटी बड़ी कोई जाति नहीं
भूखा सोए ऐसी कोई रात नहीं
कभी साजिश की कोई हाथ नहीं
और आतंकवाद? आतंकवाद बर्दाश्त नहीं
हर तरफ तो बस भारत का ही डंका हो
तब जाके यह कहना होगा,
हर घर में तिरंगा हो।
कुपोषित न कोई बच्चा हो
जान और माल की रक्षा हो
सड़क पर न कोई गड्ढा हो
खाने में गुणवत्ता हो
और डीजल पेट्रोल भी सस्ता हो
सबके जीवन का स्तर भी एक समान और ढंग का हो
तब जाके यह कहना होगा,
हर घर में तिरंगा हो।
जयहिंद जय भारत
