अंग्रेजी साम्राज्य की नींव हिलाने वाले खुदीराम
छोटा सा देश ब्रिटेन पूरी दुनिया को अपनी मुट्ठी में रखे हुए था। इसीलिए कहा जाता था कि ब्रिटिश हुकूमत में कभी सूरज नहीं डूबता। भारत में भी फूट डालो और राज करो (डिवाइड एण्ड
छोटा सा देश ब्रिटेन पूरी दुनिया को अपनी मुट्ठी में रखे हुए था। इसीलिए कहा जाता था कि ब्रिटिश हुकूमत में कभी सूरज नहीं डूबता। भारत में भी फूट डालो और राज करो (डिवाइड एण्ड
8 अगस्त 1942 को इंडियन नेशनल कांग्रेस ने, जिस भारत छोड़ो आंदोलन का आगाज किया था, उसका विचार सबसे पहले नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने 1938 की दिसम्बर में ही कांग्रेस के अन्य बड़े नेताओं को
अनिल तिवारी 15 अगस्त, 1947 को मिली आज़ादी से अब तक भारत की चार पीढ़ियाँ तैयार हो गयी हैं। पहली पीढ़ी शारीरिक रूप से जर्जर और बूढ़ी हो चुकी है। दूसरी वृद्धावस्था की
अनिल तिवारी भारतवर्ष अपने आजादी का अमृत काल के गौरव का आनंद लेते हुए 76वां गणतंत्र दिवस मनाने के करीब पहुंच चुका है। 26 जनवरी 1950 में गणतंत्र बना भारत तमाम उपलब्धियां हासिल कर
वरुण कुमार पांडे कहते हैं इतिहास सब कुछ दर्ज करता है। निरंतर चल रही घटनाओं को साक्षी भाव से सहेज कर रखता है और समय आने पर आईने की तरह ब्लैक एंड व्हाइट
रोमन अंग्रेजी में लिखें तो भगत और भारत में एक अक्षर का अंतर है, लेकिन गरीबों मजलूमों के वाजिब हक के लिए आवाज उठाने वालों के लिए शासन सत्ता के गुरुर, भाषा, जंगल न्याय और
नोबेल पुरस्कार पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन का मानना है कि भारतीयों में आम चर्चा और तर्कशील बहस की लंबी परंपरा रही है। लेकिन आज यह परंपरा अन्य पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण को लेकर पैदा
योगस्य चित्त वृत्ति निरोध [caption id="attachment_5730" align="alignleft" width="55"] डॉ दिनेश प्रसाद मिश्र[/caption] मनुष्य का जीवन केवल बाहरी उपलब्धियों, प्रतियोगिताओं और भौतिक सुखों तक सीमित नहीं। जीवन का उद्देश्य अपने भीतर छिपी शक्ति,
(भारत नीति प्रतिष्ठान) अनुसूचित जाति मूल के उन व्यक्तियों को, जिन्होंने ईसाई अथवा मुस्लिम धर्म स्वीकार कर लिया है, आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए या नहीं, इस विषय पर होने वाली किसी भी
अनिल तिवारी ------ रूस के महान साहित्यकार मैक्सिम गोर्की अपने देश के एक अन्य बड़े रचनाकार आंतोव चेखव से मिलने उनके घर गए। बातचीत के दौरान गोर्की ने चेखव से पूछा आप समाज के विभिन्न