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विचार
घोषित इमरजेंसी बनाम अघोषित आपातकाल

घोषित इमरजेंसी बनाम अघोषित आपातकाल

  वरुण कुमार पांडे   कहते हैं इतिहास सब कुछ दर्ज करता है। निरंतर चल रही घटनाओं को साक्षी भाव से सहेज कर रखता है और समय आने पर आईने की तरह ब्लैक एंड व्हाइट

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संस्कृत साहित्य में प्राण वध

संस्कृत साहित्य में प्राण वध

रोमन अंग्रेजी में लिखें तो भगत और भारत में एक अक्षर का अंतर है, लेकिन गरीबों मजलूमों के वाजिब हक के लिए आवाज उठाने वालों के लिए शासन सत्ता के गुरुर, भाषा, जंगल न्याय और

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वास्तविकता और मिथक

वास्तविकता और मिथक

नोबेल पुरस्कार पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन का मानना है कि भारतीयों में आम चर्चा और तर्कशील बहस की लंबी परंपरा रही है। लेकिन आज यह परंपरा अन्य पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण को लेकर पैदा

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विश्व योग दिवस

विश्व योग दिवस

‎योगस्य चित्त वृत्ति निरोध    [caption id="attachment_5730" align="alignleft" width="55"] डॉ दिनेश प्रसाद मिश्र[/caption]     मनुष्य का जीवन केवल बाहरी उपलब्धियों, प्रतियोगिताओं और भौतिक सुखों तक सीमित नहीं। जीवन का उद्देश्य अपने भीतर छिपी शक्ति,

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डॉ. अम्बेडकर के आरक्षण और धर्मांतरण संबंधी विचार

डॉ. अम्बेडकर के आरक्षण और धर्मांतरण संबंधी विचार

(भारत नीति प्रतिष्ठान)   अनुसूचित जाति मूल के उन व्यक्तियों को, जिन्होंने ईसाई अथवा मुस्लिम धर्म स्वीकार कर लिया है, आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए या नहीं, इस विषय पर होने वाली किसी भी

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शिक्षक की अहमियत

शिक्षक की अहमियत

अनिल तिवारी ------ रूस के महान साहित्यकार मैक्सिम गोर्की अपने देश के एक अन्य बड़े रचनाकार आंतोव चेखव से मिलने उनके घर गए। बातचीत के दौरान गोर्की ने चेखव से पूछा आप समाज के विभिन्न

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नाम : आजाद, पिताः स्वाधीनता, माता : भारत माता

नाम : आजाद, पिताः स्वाधीनता, माता : भारत माता

अनिल तिवारी सन् 1919 में जनरल डायर ने अमृतसर (पंजाब) के जलियांवाला बाग में कहर ढाया और निहत्थे लोगों को गोलियों से भून डाला। 13 वर्ष की अवस्था में चन्द्रशेखर को पूरी तरह झकझोर कर

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धर्म से गिरे, विज्ञान में अटके

धर्म से गिरे, विज्ञान में अटके

अनिल तिवारी धर्म। एक शब्द है, पर मामूली मत समझिएगा इस शब्द को। इस शब्द ने सदियों से मनुष्य के जीवन को दिशा दी है और उसकी गतिविधिओं को नियंत्रित किया है। इस शब्द की

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तकनीक ने हमें दिया है बहुत कुछ, लेकिन धीरे-धीरे छीन रही है सब कुछ

तकनीक ने हमें दिया है बहुत कुछ, लेकिन धीरे-धीरे छीन रही है सब कुछ

(विश्व प्रौद्योगिकी दिवस) अनिल तिवारी नांदिक दूसरा दर्जा पास कर कक्षा तीन में पहुंचे हैं और कुंज अब छठवीं कक्षा के विद्यार्थी हैं। आदर्श विद्यार्थी का लक्षण पूछने पर तोते की तरह सुनाते हैं "काग

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शोषण के लिए धर्म, लोक परलोक, स्वर्ग-नरक की काल्पनिक बातें

शोषण के लिए धर्म, लोक परलोक, स्वर्ग-नरक की काल्पनिक बातें

आलोक जयहिंद   भारत की लगभग 80 प्रतिशत धर्मभीरु जनता इसी बात में बुरी तरह उलझी हुई है कि, 'ऊपरवाला किस्मत लिखता है, वो सब देखता है, वो हमारे पाप-पुण्य का हिसाब रखता है, जीवन-मरण