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Author: KALRAV

KALRAV

विश्लेषण
गांवों में भी बढ़ी फोटो एल्बम की जगह रील्स की मांग

गांवों में भी बढ़ी फोटो एल्बम की जगह रील्स की मांग

डिजिटल कंटेंट क्रिएशन   शिवनंदन लाल    ग्रामीण युवाओं के लिए डिजिटल कंटेंट क्रिएशन रोजगार और स्वरोजगार का एक बेहतरीन माध्यम बन रहा है। ग्रामीण युवा अपने स्मार्टफोन और इंटरनेट का उपयोग करके कृषि, बागवानी,

काव्य कोना
साक्ष्य (कविता)

साक्ष्य (कविता)

गौरी तिवारी    आँखें होती हैं साक्ष्य कभी इतिहास और भूगोल की कभी राजनीति और भ्रष्टाचार की कभी युद्ध और मानवता के पतन की कभी भुखमरी और निर्धनता की कभी क्रांति और संघर्ष की तो

विचार
घोषित इमरजेंसी बनाम अघोषित आपातकाल

घोषित इमरजेंसी बनाम अघोषित आपातकाल

  वरुण कुमार पांडे   कहते हैं इतिहास सब कुछ दर्ज करता है। निरंतर चल रही घटनाओं को साक्षी भाव से सहेज कर रखता है और समय आने पर आईने की तरह ब्लैक एंड व्हाइट

देश-दुनिया
तेल के खेल में झोल ही झोल

तेल के खेल में झोल ही झोल

अनिल तिवारी      पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर देश भर में बहस विमर्श जारी है। केंद्रीय मंत्रियों का तर्क है कि इससे किसानों की आय बढ़ती है विदेशी मुद्रा बचती है और प्रदूषण

विश्लेषण
इंदिरा गांधी के आपातकाल 1975 का विवेचनात्मक इतिहास

इंदिरा गांधी के आपातकाल 1975 का विवेचनात्मक इतिहास

नथून शाह गोंड   समाज और राष्ट्र की रक्षा करने वाले संस्थानों को सरकार के ख़िलाफ बगावत करने का आह्वान तथा उन्हें उकसाया जा रहा था ताकि तख्तापलट किया जा सके और सत्तासीनों को सत्ताच्युत

देश-दुनिया
अब शुरू होगी विश्व कप की असली जंग

अब शुरू होगी विश्व कप की असली जंग

अनिल तिवारी   फीफा विश्व कप 2026 का असली जंग कल यानी 10 जुलाई से शुरू होगा। विश्व कप में कुल 48 टीमों ने हिस्सा लिया। प्री क्वार्टर मुकाबले पूरा होते ही 40 टीमों का

देश-दुनिया
मजनूं को बुरा कहती है लैला मेरे आगे….

मजनूं को बुरा कहती है लैला मेरे आगे….

न्यास का वेटिकन न्याय अनिल तिवारी   बीते 12 दिसंबर 2021 को नागपुर की एक सभा में विश्व हिंदू परिषद के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रविंद्र नारायण सिंह ने कहा था कि उनका और उनके

साहित्य
पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी जी की जयंती पर विशेष

पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी जी की जयंती पर विशेष

साहित्य का उद्देश्य सिर्फ घटनाओं का वृत्तांत प्रस्तुत कर समाज का चित्रण करना ही नहीं होता, अपितु मनुष्य के भीतर अचेतन संवेदनाओं को जागृत करना भी होता है। जो साहित्य समय के साथ अपना अर्थ

धर्म-कर्म
अति विचित्र रघुपति चरित

अति विचित्र रघुपति चरित

श्रीराम का नाम स्मरण आते ही आजीवन उनके द्वारा अपने महत और आदर्श कर्मों के द्वारा स्थापित एक ऐसी आदर्श छवि मनोमस्तिष्क के समक्ष उपस्थित हो जाती है जो हिमालय से भी अनगिनत गुना गर्वोन्नत,

Archive
कलरव पत्रिका

कलरव पत्रिका

कलरव (मई 2026)   प्रस्तुत है मासिक पत्रिका, कलरव के मई 2026 का अंक।