Sunday , 18 October 2026
Home anilkalrav26
Written by
211 Articles35 Comments
धर्म-कर्म

रामकथा की हीरक मणि-आदर्श नारी मंदोदरी

डॉ. जयशंकर   मंदोदरी भारतीय सनातन साहित्य पुराणों, कथाओं में एक ऐसा पवित्र नाम है जिसके स्मरण मात्र से ही सारे पाप धुल...

साहित्य

नाटक : परिभाषा और उसके तत्व

• नाटक दृश्य विधा है, यह शब्दकला नहीं अपितु अभिनय की कला है। • अवस्थानुकृतिर्नाट्यम – अर्थात अवस्था का अनुकरण नाटक है। •...

साहित्य

जनता की ताकत (कहानी)

गौरी तिवारी   कनकपुर राज्य का पूरे देश में बोलबाला था। अक्सर अन्य राज्यों में कनकपुर और वहाँ के राजा की चर्चा होती,...

धर्म-कर्म

प्रतिशोध और तप कर्म के बीच फंसी हुई अहल्या

डॉ. जयशंकर   इस ब्रह्मांड में दो लोक स्वर्ग और पृथ्वी अति महत्वपूर्ण हैं। स्वर्ग में देवताओं का और पृथ्वी पर मनुष्यों का...

साहित्य

चकाचौंध के परे अनाम सेनानियों को सलाम

किसी व्यक्ति के अस्तित्व के पहचान की यात्रा या उसके जीवन की कथा वहीं से आरम्भ होती है जहां से उसका संघर्ष शुरू...

विचारसाहित्य

कलम के जादूगर (प्रेमचंद की पुण्यतिथि पर विशेष)

बूढ़ी काकी और पंच परमेश्वर जैसी लगभग 300 कहानियां लिखने वाले कलम के जादूगर प्रेमचंद हिन्दी के ऐसे यथार्थवादी मूर्धन्य कथाकार हैं जिनके...

रिपोर्ट

शब्दों का कलरव, विचारों की गूंज: अशोक चक्रधर

पिछले 20 वर्षों से लगातार प्रकाशित हो रही ‘कलरव’ पत्रिका ने यह साबित कर दिया है कि लघु पत्रिकाओं का भविष्य स्वर्णिम और...

साहित्य

प्रभुता की ओट (लघुकथा)

गौरी तिवारी   शाम के 7 बजते ही, सूरज भारी मन लिये ऑफिस की मेज से अपना ज़रूरी सामान उठाने लगा जिसमें वह...

विचार

बढ़ते विज्ञान और तकनीक के बीच घटता धैर्य

­सही ही कहा गया है कि गंतव्य से अधिक महत्वपूर्ण यात्रा होती है, क्योंकि कई बार यात्राएं हमारा परिचय उन स्थितियों से करवाती...

साहित्य

मानवता पर उठता प्रश्न

अतिआधुनिकता के नाम पर समाज स्थापित मूल्यों से हटकर बेहिचक कुछ भी कर लेने को राजी है। विकास की अंधी दौड़ ने अधिकांश...