Sunday , 18 October 2026

धर्म-कर्म

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रामकथा की हीरक मणि-आदर्श नारी मंदोदरी

डॉ. जयशंकर   मंदोदरी भारतीय सनातन साहित्य पुराणों, कथाओं में एक ऐसा पवित्र नाम है जिसके स्मरण मात्र से ही सारे पाप धुल...

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प्रतिशोध और तप कर्म के बीच फंसी हुई अहल्या

डॉ. जयशंकर   इस ब्रह्मांड में दो लोक स्वर्ग और पृथ्वी अति महत्वपूर्ण हैं। स्वर्ग में देवताओं का और पृथ्वी पर मनुष्यों का...

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विज्ञान, गणेश चतुर्थी और उसकी कथा

कलरव   भारतीय संस्कृति में कोई भी त्यौहार सिर्फ उल्लास का अवसर नहीं, अपितु जीवन को समझने और समाज को दिशा देने वाला...

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष

कृष्ण एक ऐसे भगवान हैं, जिन्होंने जीवन को स्वीकार किया। कृष्ण को किसी एक परिभाषा में नहीं बाँध सकते। संसार में अनेक महापुरुष...

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बलदाऊ से पुत्र की दीर्घायु मांगती माताएं

पं. आर.एस. द्विवेदी   पौराणिक मान्यता है कि भादों के कृष्णपक्ष की अष्टमी को भगवान कृष्ण प्रकट हुए थे। इससे दो दिन पहले...

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बुद्धि का तात्पर्य है विचार

यदि विरासत और परिस्थिति ही सबकुछ होते तो संसार में हमें इतनी भिन्नता नजर नहीं आती। एक ही माता-पिता के दो लड़के एक...

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धीर – धर्मपरायणा, मुदुभाषिणी कौशल्या

 डॉ. जयशंकर   कौशल्या रामकथा की ऐसी धीर गंभीर, धर्मकर्म का सिद्दत के साथ बिना किसी कोलाहल के अनुपालन करने वाली पात्र हैं...

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क्यों मनाते हैं नागपंचमी और गुड़िया

कुमकुम शर्मा   प्रकृति से प्रेम की परम्परा नाग पंचमी सावन के महीने का एक प्रमुख त्यौहार है। यह प्रत्येक वर्ष श्रावण मास...

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कांवड़ यात्रा

भारतीय संस्कृति की अनुपम झांकी   आशीष कुमार    सावन मास की शुरुआत होते ही हिमालय से लेकर कन्याकुमारी तक, गंगा गंगोत्री से...

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बल, बुद्धि, विद्या के सागर हनुमान

अतुलित विद्या के सागर, अष्ट सिद्धि नवनिधियों के दाता हनुमान वनवासी आदिम कपीस जनजाति में पैदा हुए थे। इनके पिता का नाम केसरी...