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Author: KALRAV

KALRAV

विचार
वास्तविकता और मिथक

वास्तविकता और मिथक

नोबेल पुरस्कार पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन का मानना है कि भारतीयों में आम चर्चा और तर्कशील बहस की लंबी परंपरा रही है। लेकिन आज यह परंपरा अन्य पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण को लेकर पैदा

देश-दुनिया
राम के चिरई, राम के खेत खाऽल चिरई, भर भर पेट

राम के चिरई, राम के खेत खाऽल चिरई, भर भर पेट

अनिल तिवारी    राम नाम की लूट के लिए भारी-भरकम बजट से संवारे सजाए जा रहे अयोध्या मंदिर में राम के नाम पर लूट किए जाने की दुखद खबरें इन दिनों सुर्खियों में है। उत्तर

काव्य कोना
मुसाफ़िर

मुसाफ़िर

गौरी तिवारी   इन बेनाम गलियों में, घूमे वह किसी बंजारे-सा, तपती ग्रीष्म की किरणों में, भटके वह किसी प्यासे-सा। है खोज उसे उस मार्ग की, जहाँ सत्य उसे साकार मिले, इस क्षणभंगुर जगत के

विचार
विश्व योग दिवस

विश्व योग दिवस

‎योगस्य चित्त वृत्ति निरोध    [caption id="attachment_5730" align="alignleft" width="55"] डॉ दिनेश प्रसाद मिश्र[/caption]     मनुष्य का जीवन केवल बाहरी उपलब्धियों, प्रतियोगिताओं और भौतिक सुखों तक सीमित नहीं। जीवन का उद्देश्य अपने भीतर छिपी शक्ति,

साहित्य
बोरों का देश (कहानी)

बोरों का देश (कहानी)

गौरी तिवारी    एक ओर स्वतंत्र, स्वच्छ, सुंदर और विकासशील भारत है और वहीं दूसरी ओर उसी भारत में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो आज भी निर्धनता की बेड़ियों में कैद हैं, बुनियादी आवश्यकताओं

कलरव पत्रिका (मई 2026)

कलरव (मई 2026) मासिक पत्रिका कलरव के वर्ष २०२६ के मई माह का अंक। 

ज्ञान-विज्ञान
दूषित पानी से भी बढ़ रही है लिवर की समस्या

दूषित पानी से भी बढ़ रही है लिवर की समस्या

अनिल तिवारी   अक्सर यह सुनने में आता है की लिवर सिरोसिस की बीमारी अधिक मात्रा में शराब का सेवन करने से होती है। बीती शाम (17 जून 2026 को) गौरी के मामा का फोन

देश-दुनिया
सितारों से जहान और भी है आगे….

सितारों से जहान और भी है आगे….

अनिल तिवारी   अपना 200 वां अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मैच खेल रहे लियोनेल मेसी ने अल्जीरिया के खिलाफ तीन गोल दाग कर दुनिया को दिखा दिया की टाइगर अभी भी जिंदा है। मेसी ने मैच के

काव्य कोना
कलम की ताकत

कलम की ताकत

गौरी तिवारी    आओ मिलकर क्रांति लाएँ, कलम से राष्ट्र का भाग्य रचाएँ। ज्ञान के नव दीप जलाकर, तम की घटाओं को दूर भगाएँ, जन-जन के सुप्त विवेक को सत्य-सुधा का पान कराएँ। आओ मिलकर

साहित्य
मृगतृष्णा  (लघुकथा)

मृगतृष्णा (लघुकथा)

‎गौरी तिवारी    "माँ, ये देखिए, मैंने एक कविता लिखी है आपके लिए।" "दिखाई नहीं दे रहा? हम किसी से फोन पर बात कर रहे हैं!" अपनी माँ के इस रूखे व्यवहार से संजना की