मोदी सरकार के 12 साल
कृषि की काया पलटी, ग्रामीण किसानों के भी दिन बहुरे दुनिया भर के लोकतांत्रिक इतिहास में कुछ कालखंड ऐसे रहे हैं जो केवल शासन परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र की संस्कृतिक चेतना के
कृषि की काया पलटी, ग्रामीण किसानों के भी दिन बहुरे दुनिया भर के लोकतांत्रिक इतिहास में कुछ कालखंड ऐसे रहे हैं जो केवल शासन परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र की संस्कृतिक चेतना के
डॉ. जयशंकर अद्भुत व्यक्तित्व की धनी सुमित्रा अयोध्या के चक्रवर्ती महाराजा दशरथ की तीसरी महिषी थी। सबसे बडी कौशल्या, उसके बाद कैकेयी और तीसरी पत्नी भगवत प्रेमी, नि:स्वार्थी, सभी परिस्थितियों में प्रसन्न रहने वाली सुमित्रा
(भारत नीति प्रतिष्ठान) अनुसूचित जाति मूल के उन व्यक्तियों को, जिन्होंने ईसाई अथवा मुस्लिम धर्म स्वीकार कर लिया है, आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए या नहीं, इस विषय पर होने वाली किसी भी
अनिल तिवारी इंडिया गठबंधन के सहयोगियों की जो "नई दिल्ली बैठक" हुई, उसके राजनीतिक मायने कांग्रेस के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुए। क्योंकि इस बैठक में पहली बार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की आवाज
गौरी तिवारी छायी थी अंधियारी थी मिथ्या की, जब आडंबर ने था अपना पैर पसारा, तब पुस्तकालय ने किया ज्ञानदीप से सारा जग रौशन। नहीं मात्र यह पुस्तकों का संचय, नहीं सिर्फ यह अक्षर
हक मुझे सिर्फ मेरा हक चाहिए, इश्क-विश्क तुम रख सकते हो। राहें इतनी भी कांटे भरी नहीं मेरी, तुम चाहो तो साथ भी चल सकते हो। तू मिल जाती जिंदगी में तो कोई गम नहीं
आलोक जयहिंद प्रसिद्ध राजनीतिक चिंतक निकोलो मैकियावेली ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'डिसकोर्सेज आन लिवी' में राजनीतिक व्यवहार के लिए हाथी के प्रतीक का इस्तेमाल किया है। उनकी राय में जिस तरह हाथी के खाने
अनिल तिवारी हर साल 5 जून को समूचा विश्व पर्यावरण दिवस मनाता है और बदलती जलवायु की समस्या से पार पाने के लिए सार्थक और सटीक उपाय करने के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता जाहिर
डा. जयशंकर रामायण कालीन श्रेष्ठ चरित्रों में से एक चरित्र हैं उर्मिला जो विदेहराज राजा जनक और सुनयना की छोटी पुत्री और सीता की अनुजा थी। उनको पुराणों में शेषनाग की पत्नी नागलक्ष्मी तथा
भई गति सांप छछूंदर केरी अनिल तिवारी कमोबेश 'डिलेमा एक्शन थ्योरी' के आईने में आभासी मंच पर गठित कॉकरोच जनता पार्टी (जिसके दो करोड़ से अधिक फॉलोअर हो चुके हैं) के मुखिया संस्थापक ने