Sunday , 18 October 2026
साहित्य

विजय

गौरी तिवारी 

 

तेजस कक्षा में जब भी पीछे बैठता यश और उसके दोस्त उसे परेशान करते। जहां एक ओर तेजस अत्यंत शांत और विनम्र स्वभाव का था वहीं यश और उसके दोस्त शरारती। विद्यालय में नया दाखिला लेने के कारण तेजस का कोई दोस्त नहीं था। सभी विद्यार्थी उससे बात करते किंतु साथ बैठकर पढ़ने के लिए, मन की बातें साझा करने के लिए, साथ बैठकर भोजन करने के लिए या छुट्टी के समय घर जाने के लिए उसका कोई दोस्त नहीं था। शायद सही ही कहते हैं, जिसके सब दोस्त होते हैं उसका वास्तव में कोई दोस्त नहीं होता। उसके शांत स्वभाव को कक्षा के कुछ शरारती बच्चे उसकी कमज़ोरी और डर समझते जिसके कारण यश और उसके दोस्त अक्सर उसे परेशान करते, कभी उसका उपहास करते, उसका सामान छिपा देते, तो कभी घर जाते समय उसका रास्ता रोककर उसे डराते।

एक दिन परेशान होकर जब उसने अध्यापक से उनकी शिकायत की तो उन्होंने यश और उसके दोस्तों को 40 मिनट तक हाथ ऊपर करके खड़ा रहने की सज़ा दी और चेतावनी भी दी कि यदि उन्होंने तेजस को फिर परेशान किया तो उनके माता पिता को विद्यालय बुलाकर उनकी शिकायत की जाएगी। उसी दिन घर जाते समय बीच रास्ते में यश ने तेजस का रास्ता रोककर उसकी पीठ पर पूरी ताकत से एक मुक्का मारा और उससे कहा कि यदि उसने दुबारा अध्यापक से उसकी शिकायत की तो वह उसे और मारेगा। तेजस डर के कारण पलट कर जवाब नहीं दे पाता और रोते हुए तेजी से अपने घर जाता है। घर पहुंचने पर जब तेजस के माता-पिता उसकी लाल आँखें देख उससे रोने का कारण पूछते हैं तो वह यह कहकर टाल देता कि रास्ते में चलते चलते गिर गया और चोट लग गई।

अगले दिन तेजस अध्यापक से यश की कोई शिकायत नहीं करता। यश और उसके दोस्त तेजस का उपहास करते हैं तो भी वह उनकी बातों को नजरअंदाज करता है और उस दिन कक्षा में सबसे आगे बैठकर अच्छे से पढ़ाई करता है, साथ ही अध्यापक द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों का उत्तर भी देता है। छुट्टी के समय एक बाज के अपने शिकार की ओर देखने की दृष्टि से तेजस को सामने देख यश क्रोध में बारूद के गोले की भांति तेज कदमों से उसके सामने आता है लेकिन इस बार तेजस डरकर अपने कदम पीछे नहीं करता, अपितु सिर ऊंचा कर मुख पर अग्नि सी आभा उठी हुई भौहें लिए सीना तानकर वो भी आग के गोले की भांति उसकी ओर तेज कदमों से बढ़ता है। तेजस के निर्भीक कदमों को देख यश अनायास डर जाता है, उसके कदमों में अब तेजी नहीं कंपकपी थी वह तेजस की ओर जाने के स्थान पर विपरीत दिशा की ओर भागने लगता है।

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