गौरी तिवारी दीन, दुःखी, निर्बलों, विकलों की आस, गोकुल के ग्वाले, तुम कहाँ हो? अधरों पर रखकर मौन मुरली, मुरलीधर क्यों आज...
ByKALRAVSeptember 6, 2026गौरी तिवारी ज्ञान का दीप लिए जब विज्ञान का युग आया, मानव ने अपनी प्रतिभा से नव इतिहास रचाया अनंत क्षितिज की...
ByKALRAVAugust 7, 2026गौरी तिवारी पशुओं पर दोष मढ़कर मानव बचता आया है, अपने मन का हर अँधियारा उनके सिर पर थोपता आया है। गधा...
ByKALRAVJuly 28, 2026गौरी तिवारी आँखें होती हैं साक्ष्य कभी इतिहास और भूगोल की कभी राजनीति और भ्रष्टाचार की कभी युद्ध और मानवता के पतन...
ByKALRAVJuly 17, 2026गौरी तिवारी कुर्सी के लोभ में राजनीति अक्सर व्यापार बन जाती है स्वार्थ की विषैली धारा लोकतंत्र के निर्झर में घुल जाती...
ByKALRAVJuly 5, 2026गौरी तिवारी भूख ज्वालामुखी का लावा बन, दरिद्र के जीवन को तपाती है सूनी थाली की मौन व्यथा हर संध्या आँसू गाती...
ByKALRAVJuly 1, 2026