स्वतंत्रता संग्राम (कविता)

गौरी तिवारी

यह कथा है हिंदुस्तान की

स्वाधीनता संग्राम की

शहीदों का लहू है

मिट्टी में यहां की

ये गाथा है वीरों वीरांगनाओं की

 

जहां राज्य हथियाने डलहौजी ने

षड्यंत्र रचाया था

वह मंगल पांडे ने भी

क्रांति का बिगुल बजाया था

यह कथा है हिंदुस्तान की

स्वाधीनता संग्राम की

 

व्यापारी बन अंग्रेजों ने

भारत में पैर पसार था

उदारता की मूरत भारत ने

जब दया दिखाई थी

तब गुलाम बनाकर के भारत को

अंग्रेजों ने असलियत दिखाई थी

यह कथा हिंदुस्तान की स्वाधीनता संग्राम की

 

अंग्रेजों ने भारत की

अस्मिता को ललकारा था

हमारी संस्कृति को हमारी भाषा को

अधीनता का पाठ पढ़ाया था

यह कथा हिंदुस्तान की स्वाधीनता संग्राम की

 

ली एक साथ प्राण सभी ने

स्वर्ण सी प्राचीन विरासत पाने की

200 सालों की दास्तान की जंजीरों को तोड़कर

सत्य और न्याय को अपनाने की

यह कथा हिंदुस्तान की स्वाधीनता संग्राम की

 

हुए हैं हजारों अत्याचार हम पर

काला पानी से लेकर जलियांवाला बाग हत्याकांड तक

रूह कांप उठी हर हिंदुस्तानी की

यह दास्तां है उसे बुरे दौर की

जिसे खत्म करने की ठानी हर भारतवासी ने थी

यह कथा है हिंदुस्तान की स्वाधीनता संग्राम की

 

सॉन्डर्स की हत्या करके

लिया भगत सिंह ने अत्याचार का बदला

थाम के फांसी का फंदा

आजादी का झंडा लहराया

लक्ष्मीबाई उतरी रण में

अंग्रेजों को धूल चटाने

लड़ते लड़ते शहीद हुई

नारी शक्ति को अमर कराने

लाखों कुर्बानियों में सिमटी तिरंगे की शान की

यह कथा है हिंदुस्तान की स्वाधीनता संग्राम की

 

चंपारण के सत्याग्रह में

किसानों की आवाज थी

असहयोग आंदोलन एकता की नींव थी

सविनय अवज्ञा जब हुआ

अंग्रेजी हुकूमत डर गई

बहलाने के लिए गोलमेज सम्मेलन ले आई

नमक पर कर मानवता पर जुल्म था

हमने तो बस पूर्ण स्वराज का ही नारा अपनाया था

भारत छोड़ो आंदोलन से गुलामी मिटाने की

यह कथा है हिंदुस्तान की स्वाधीनता संग्राम की

 

15 अगस्त 1947 को

आजादी की कीमत हमने पहचानी थी

एक नया भारत बनाने हेतु

संविधान की रूपरेखा बनाई थी

यह कथा है हिंदुस्तान की स्वाधीनता संग्राम की

 

तारीख थी वह 26 जनवरी

जब संविधान लागू हुआ

बिखरे भारत को हमने

एकता के सूत्र में बांध दिया

मौलिक अधिकारों से व्यक्ति की गरिमा हमने पाई है

राज्य के प्रति कर्तव्यों से

एक कल्याणकारी भारत बनाने की

पहल हमने उठाई है

यह कथा है हिंदुस्तान की स्वाधीनता संग्राम की

 

हुए हैं 76 वर्ष आजादी को

भारत के गौरवमय इतिहास को

पर चिंता अब भी गंभीर है

वैश्वीकरण के वेश में दुश्मनों की भीड़ है

स्वतंत्रता से संप्रभुता तक

भारत को विश्व गुरु बनाने की

यह कथा है हिंदुस्तान की स्वाधीनता संग्राम की

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