धूमिल हुए सपने
गौरी तिवारी कभी-कभी बरसात प्रेम, शांति तथा सकारात्मकता की जगह काले बादलों की नकारात्मकता और उदासी लेकर आती है। उस दिन भी शाम का समय था, सूरज अस्त होने की ओर बढ़ चला था।
गौरी तिवारी कभी-कभी बरसात प्रेम, शांति तथा सकारात्मकता की जगह काले बादलों की नकारात्मकता और उदासी लेकर आती है। उस दिन भी शाम का समय था, सूरज अस्त होने की ओर बढ़ चला था।
गौरी तिवारी भाषा को बोलचाल के दायरे से बाहर निकालकर स्थायित्व देने, ज्ञान को संचित करने और उसे जन-जन तक पहुँचाने का श्रेय मुद्रण कला (प्रिंट) को जाता है।भारत जैसे बहुभाषी देश में, जहाँ
गौरी तिवारी यदि दूसरों के कष्ट को अपना समझना तानाशाही और लोकतंत्र के मध्य अंतर समझना बिना बोले लाठी और पैलेटगन की मार झेलना सत्य के पथ पर अडिग अविचल रहना कहलाया जाए बड़ी
गौरी तिवारी दीन, दुःखी, निर्बलों, विकलों की आस, गोकुल के ग्वाले, तुम कहाँ हो? अधरों पर रखकर मौन मुरली, मुरलीधर क्यों आज खड़े तुम मौन उदास हो? धरती के झंझावातों से थककर क्या तुम
गौरी तिवारी गुरु वह मार्गदर्शक होते हैं, जो अंधकार से प्रकाश की ओर, मोह से मोक्ष की ओर और अज्ञान से आत्मबोध की ओर लेकर जाते हैं। वह सिर्फ किताबी ज्ञान देने वाले व्यक्ति
बाजार ने बदल दिया गुरुओं का स्वरूप अनिल तिवारी गुरु कुम्हार शिष कुंभ है, गढ़ि गढ़ि काढ़े खोट। अंदर हाथ सहार दे, बाहर-बाहर चोट। आज शिक्षक दिवस है। हमारे देश में हर साल 5
कृष्ण एक ऐसे भगवान हैं, जिन्होंने जीवन को स्वीकार किया। कृष्ण को किसी एक परिभाषा में नहीं बाँध सकते। संसार में अनेक महापुरुष हुए, अवतार हुए पर कृष्ण जैसा कोई नहीं हुआ। कृष्ण सब कुछ
पं. आर.एस. द्विवेदी पौराणिक मान्यता है कि भादों के कृष्णपक्ष की अष्टमी को भगवान कृष्ण प्रकट हुए थे। इससे दो दिन पहले ही उनके बड़े भाई बलदाऊ अर्थात् बलरामजी का जन्म हुआ था। उनके
अशोक त्रिपाठी नेपाल में तिब्बत से आई महाविनाशकारी बाढ़ की विभीषिका का सही आकलन अब तक नहीं हो पाया है लेकिन प्रकृति के साथ हमने जो छेड़छाड़ की है, उसका नतीजा बहुत गंभीर नजर