Sunday , 18 October 2026
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धर्म-कर्म

भाव, कुभाव, अनख, आलसहूं

अनिल तिवारी   ऋषि मार्कंडेय ने दुर्गा सप्तशती के पांचवें अध्याय में कहा है, ‘या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता’। और अगली पंक्ति में...

धर्म-कर्म

संवत्सरफल और समय की दिशा का संकेत

   ज्योतिषाचार्य अरुण कुमार मिश्र   मानव जीवन केवल वर्तमान घटनाओं का क्रम नहीं, बल्कि समय, प्रकृति और चेतना के गहरे संबंधों का...

देश-दुनिया

बंगाल में फिर चलेगा ममता का जादू?

अल्पसंख्यकों के मोहल्ले से गुजरता है बंगाल की सत्ता का रास्ता  अनिल तिवारी   इन दिनों फिल्म धुरंधर 2 के खलनायक का डायलॉग...

विचार

विकास और विडम्बना

गौरी तिवारी   बदलाव एक धीमी प्रक्रिया है किन्तु हर बदलाव अपने साथ विकास लेकर आता है। विकास शब्द सुनते ही हमारे मन...

साहित्य

सड़क ने गाँव खाली कर दिए

सड़क ने गाँव खाली कर दिए : विकास की राह पर छूटती मिट्टी की महक एक समय था जब अरुणोदय पक्षियों के कलरव...

साहित्य

बाल साहित्य

प्रकृति का चमत्कार   अरे गुड़िया उठ भी जाओ, स्कूल नहीं जाना क्या? देर हो रही है।” माधव पिछले 15 मिनट से अपनी...

साहित्य

स्त्री

वह भोली थी जब तक गलतियां माफ करती गई वह बुरी हो गई जब स्वाभिमानी बन गई वह अच्छी थी जब तक सब...

साहित्य

अनकही कथा (कविता)

गौरी तिवारी   ना अंत है इसका ना आरंभ है कोई कथा है वह अनकही जिसे सुनना चाह हर कोई   वह चंद्र...

विचार

साधो, देखो जग बौराना!

गौरी तिवारी   कितनी सुखद अनुभूति होती है , जब रात्रि के दूसरे पहर अपने घर की छत पर बैठकर श्वेत चांदनी की...

देश-दुनिया

‘नेवता के भरोसे यज्ञ ठानने’ की खुल गई कलई

आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हुई तो ठंडे पड़ जाएंगे चूल्हे —————– अनिल तिवारी —————- केंद्र की सरकार ने वर्ष 2016 में उज्ज्वला योजना की...