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Author: KALRAV

KALRAV

विचार
भाषा बोल ना जानहि….

भाषा बोल ना जानहि….

अनिल तिवारी   मेरी मातृभाषा ठेठ भोजपुरी है। हमारा पुश्तैनी इलाका उत्तर प्रदेश का सीमावर्ती जिला है जो के एक तरफ गंगा तो दूसरी तरफ घाघरा नदी से घिरा है। प्रचुर पानी वाली नदियों के

Archive
विकसित भारत बरास्ता विकसित गांव

विकसित भारत बरास्ता विकसित गांव

अनिल तिवारी केंद्र सरकार की पहल पर मनरेगा की जगहअब विकसित भारत गारंटी फार रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वी बी रामजी विधेयक लोकसभा से पास हो गया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज

विचार
लोकतंत्र तो मजबूत हुआ, पर गणतंत्र का “गण” अब भी कमजोर

लोकतंत्र तो मजबूत हुआ, पर गणतंत्र का “गण” अब भी कमजोर

अनिल तिवारी   भारतीय गणतंत्र के 76 साल पूरे हो गए। इन 76 सालों में बतौर राष्ट्र भारत ने लंबा सफर तय किया है। इस सफर में उतार-चढ़ाव है, कामयाबियां है, लगातार परेशान करने वाली

देश-दुनिया
ठीक नहीं है एआई के साथ मानव बुद्धि की तुलना

ठीक नहीं है एआई के साथ मानव बुद्धि की तुलना

अनिल तिवारी   हमें यहां ठहर कर सोचना होगा। मानव बुद्धिमत्ता कोई व्यक्तिगत प्रतिभा नहीं, यह सामाजिक है। किसी वैज्ञानिक खोज से लेकर कला के क्षेत्र में हुई क्रांति तक, हर इंसानी उपलब्धि सामूहिक प्रयास

देश-दुनिया
सिर मुड़ाते ही ओले पड़े…

सिर मुड़ाते ही ओले पड़े…

अनिल तिवारी   दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के कगार पर खड़े भारत के विश्व गुरु बनने के प्रयासों को झटका लगा है। नोएडा के एक निजी विश्वविद्यालय की कुत्सित कारस्तानी के चलते सरकार

देश-दुनिया
चर्चा में है चीन और भारत की करीबी

चर्चा में है चीन और भारत की करीबी

डॉ दिनेश प्रसाद मिश्र   चिकित्सा विज्ञान की दुनिया में एक प्रसिद्ध कहावत है कि 'जीवधारी एक दूसरे पर निर्भर हैं'। अन्य विषयों के संदर्भ में इसका मोटा आशय यही है कि अगर समाज में

Uncategorized
कारगर है घरेलू खपत बढ़ाने की नीति

कारगर है घरेलू खपत बढ़ाने की नीति

इस समय जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए जा रहे शुल्क के डर से दुनिया के अधिकांश देश अमेरिका के सामने झुक कर उसकी व्यापार शर्तों को मानते हुए दिखाई दे रहे

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद 15% बढ़ा रक्षा का बजट

ऑपरेशन सिंदूर के बाद 15% बढ़ा रक्षा का बजट

अनिल तिवारी   आम बजट सरकार द्वारा वर्ष भर किए जाने वाले आय-व्यय का लेखा-जोखा तो होता ही है भविष्य की रणनीति का संकेतक भी होता है। वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट में रक्षा क्षेत्र

देश-दुनिया
पलक झपकते हथेली पर सरसों उगाने का खेल नहीं है राजनीति

पलक झपकते हथेली पर सरसों उगाने का खेल नहीं है राजनीति

अनिल तिवारी   राजनीति संपूर्ण और दीर्घकालिक प्रयास की एक सतत प्रक्रिया है। यहां चट मंगनी और पट शादी का फार्मूला अक्सर लागू नहीं होता है । अपवाद स्वरूप भले ही किसी को बाबुल के

विचार
विवेकानंद एक सशक्त स्त्रीवादी

विवेकानंद एक सशक्त स्त्रीवादी

वैदेही   हम स्त्री सशक्तीकरण के बारे में ढेर सारी बातें करते हैं। आज से डेढ़ सदी पहले एक युवा और घुमक्कड़ संन्यासी स्वामी विवेकानंद ने पाया था कि भारतीय नारियों की दशा दीन-हीन है।