गौरी तिवारी
गुरु वह मार्गदर्शक होते हैं, जो अंधकार से प्रकाश की ओर, मोह से मोक्ष की ओर और अज्ञान से आत्मबोध की ओर लेकर जाते हैं। वह सिर्फ किताबी ज्ञान देने वाले व्यक्ति नहीं, अपितु जीवन के अर्थ को समझने की दृष्टि देने वाले व्यक्तित्व हैं। वह हमारे हाथ में जीवन का तैयार मानचित्र नहीं रखते, अपितु हमारी दृष्टि को इतना व्यापक बना देते हैं कि हम अपने लिए सही दिशा पहचान सकें। वह भले ही हाथ पकड़कर चलना नहीं सिखाते, किंतु गिरने के बाद स्वयं उठ खड़े होने का साहस अवश्य देते हैं।
जन्म के साथ कोई भी व्यक्ति मनुष्य होता है परन्तु मनुष्यत्व उसे शिक्षा से प्राप्त होता है। और शिक्षा को जीवन से जोड़ने वाला सबसे महत्त्वपूर्ण माध्यम गुरु है, इसीलिए गुरु का महत्त्व केवल विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। किसी सभ्यता का ज्ञान, किसी समाज के संस्कार और किसी राष्ट्र का भविष्य जिस अदृश्य धागे से एक-दूसरे से जुड़े होते हैं, गुरु उसी धागे की सबसे महत्त्वपूर्ण कड़ी है।
एक विद्यार्थी जब विद्या अर्जित करने विद्यालय में प्रवेश लेता है, तब उसके पास जिज्ञासा होती है, लेकिन उस जिज्ञासा को ज्ञान में बदलने का कार्य एक गुरु ही करता है। वह भाषा के अक्षरों को अर्थ देता है, संख्याओं को तर्क से जोड़ता है, इतिहास को वर्तमान से मिलाता है और साहित्य को संवेदना से। एक बच्चा जब पहली बार पूछता है, “क्यों?”, तभी उसके भीतर ज्ञान की पहली खिड़की खुलती है। वह जानना चाहता है कि आकाश नीला क्यों है, नदी बहती क्यों है, पक्षी उड़ते कैसे हैं, मनुष्य दुःखी क्यों होता है और संसार में इतना अंतर क्यों है। बड़े होते-होते उसके प्रश्न बदल जाते हैं, किंतु प्रश्न करने की आवश्यकता समाप्त नहीं होती। गुरु विद्यार्थी के प्रश्नों को दबाते नहीं, बल्कि उन्हें दिशा देते हैं, वह विद्यार्थी को उत्तर रटकर याद करना नहीं सिखाते अपितु वह उसे प्रश्न समझकर उसकी तह तक जाना सिखाते हैं।
आज का यह दिन सिर्फ शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का नहीं, बल्कि शिक्षा के वास्तविक अर्थ पर पुनर्विचार करने का भी है। आखिर शिक्षा का उद्देश्य क्या है? अच्छे अंक? प्रतिष्ठित नौकरी? प्रतियोगिता में विजय? या उससे कहीं अधिक कुछ? यदि शिक्षा मनुष्य को केवल सफल बनाती है, लेकिन संवेदनशील नहीं बनाती, तो उसकी यात्रा अभी अधूरी है। और इसी अधूरेपन को पूर्ण करता है गुरु।

One Comment
Shikshk diwas ko Guru Purnima mat banaeeye.