गौरी तिवारी अक्सर हमारे साथ ऐसी घटनाएं घटित होती हैं जिनका महत्व एक सागर में मोती के समान होता है लेकिन फिर भी दिन के 24 घंटों में घटित 5 से 10 मिनट की घटना
अनिल तिवारी -------- नीतीश कुमार के क्रमिक राजनीतिक उत्थान और तेज़ गिरावट को समझाना इतना आसान नहीं है। कुछ वर्ष पहले तक नीतीश को प्रधानमंत्री पद के योग्य “पीएम मैटेरियल” के रूप में देखा जा
गौरी तिवारी चंदनिया छुप जाना रे, क्षण भर को लुक जाना रे निंदिया आँखों में आए, बिटिया मेरी सो जाए ले के गोद में सुलाऊँ, गाऊँ रात भर सुनाऊँ मैं लोरी-लोरी, हो, मैं लोरी-लोरी लोरी
गौरी तिवारी यह कथा है हिंदुस्तान की स्वाधीनता संग्राम की शहीदों का लहू है मिट्टी में यहां की ये गाथा है वीरों वीरांगनाओं की जहां राज्य हथियाने डलहौजी ने षड्यंत्र रचाया था वह मंगल
अनिल तिवारी ------- प्रसिद्ध चिंतक आइजनहावर ने अपने दिल की इच्छा व्यक्त की थी 'हमारी यह दुनिया भय और घृणा का भयानक समुदाय बनने से बचे और यहां विश्वास, सम्मान और सह अस्तित्व कायम हो'
गोपालदास नीरज अमर उजाला (काव्य डेस्क) मैं सोच रहा हूँ अगर तीसरा युद्ध हुआ तो, इस नई सुबह की नई फसल का क्या होगा। मैं सोच रहा हूँ गर जमीं पर उगा खून, इस रंग
युद्ध के लंबा खींचने के आसार ------ अनिल तिवारी ----- ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए ओमान की मध्यस्थता में शांति वार्ता चल रही थी। इसराइल के साथ साझेदारी को मजबूत करने
कविता (गौरी तिवारी) ऐसा क्यों होता है हर सपना पूरा होने से पहले ही टूट कर बिखर जाता है ऐसा क्यों होता है हर सच वास्तविक होने से पहले ही एक दिन सबसे
डॉ॰ अनिल कुमार सिंह प्राध्यापक,हिंदी विभाग आत्माराम सनातन धर्म महाविद्यालय, दिल्ली विश्विद्यालय रोहतक से जींद वाली सड़क पर गोहाना से लगभग दो-तीन किलोमीटर आगे बाई ओर एक पतली सी सड़क निकलती है। यह
पिछली सदी बड़ी प्रतिभाओं के जन्म और कर्म की सदी थी, यह उनकी जयंतियों, पिंडदानों एवं कर्मकांडों की सदी है। वह गदरचियों के प्रतिकार का दौर था, यह विदोरचियों के प्रचार का दौर है, वह