Sunday , 18 October 2026
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साहित्य

मेरा संसार (कविता)

गौरी तिवारी    तुम वह मधुर गीत हो  मेरे अंतर्मन की भावनाओं की  तुम वह पहली मंज़िल हो  मेरे इस कठिन जीवन सफर...

साहित्य

कलरव, सितम्बर 2007

कलरव सितम्बर 2007   मासिक पत्रिका कलरव, वर्ष 2007 के सितम्बर माह का अंक।

साहित्य

मानवता परमो धर्मः (लघुकथा)

गौरी तिवारी शाम में ही काले बादलों ने आकाश को रजनी की चादर ओढ़ा दी, आखिर इतनी तेज़ बारिश जो हो रही थी।...

देश-दुनिया

पश्चिम बंगाल चुनाव: किधर ठहरेगी की नाव !

खिलेगा कमल या जोड़ा फूल का जलवा रहेगा बरकरार? —— अनिल तिवारी ——- पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी के...

साहित्य

कलरव पत्रिका, अक्टूबर 2025

Kalarav-October-2025.pdf   कलरव पत्रिका के वर्ष 2025 का अक्टूबर माह का अंक।

साहित्य

कलरव पत्रिका, जून-जुलाई 2007

kalrav-june-july-2007.pdf कलरव पत्रिका, वर्ष 2007 के जून-जुलाई माह का अंक।

साहित्य

लघुकथा: एक लंबी यात्रा

अनिल तिवारी मौजूदा दौर युवा जोश, उसकी ई-तकनीक, मेधाशक्ति आदि के घोल से सब कुछ पलक झपकते हासिल कर लेने के जुनून का...

विचार

मजदूर दिवस विशेष

फिर गुलामी जैसी स्थिति में फंसता जा रहा मजदूर —– अनिल तिवारी ——- शोषण के खिलाफ लंबे अरसे से ओढ़ रखी चुप्पी तोड़कर...

देश-दुनिया

जस की तस है, कामगारों की दशा

यह वक्त है आत्म समीक्षा का ———- अनिल तिवारी ——- पिछले 140 वर्षों में दुनिया के साथ भारत में भी संगठित क्षेत्र के...

साहित्य

मजदूर दिवस के अवसर पर गोरख पांडेय की कविता

कहब तऽ लाग जाई धक् से, धक् से कहब तऽ लाग जाई धक् से बड़े-बड़े लोगन के बंगला दो बंगला अउर भईया झूमर अलग...