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Author: KALRAV

KALRAV

साहित्य
हर घर में तिरंगा हो

हर घर में तिरंगा हो

~ डॉ. अशोक कुमार पाण्डेय दंत चिकित्सा विभाग, राम मनोहर लोहिया अस्पताल, दिल्ली   सब में ज्ञान की गंगा हो कोई भूखा ना नंगा हो इंसान लोगों से जंग न हो ना कहीं कोई दंगा

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होली का वह दिन

होली का वह दिन

गौरी तिवारी   कई बार ऐसा लगता है मानो, खुले नीले अंबर के नीचे रहने के बावजूद आपका दम घुट रहा है, उन्मुक्त होने के बावजूद ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो बेड़ियों ने आपको

साहित्य
हिंदी साहित्य में नदी

हिंदी साहित्य में नदी

नदी एवं साहित्य में यह बुनियादी फर्क है कि नदी एक ही दिशा में अनंतकाल तक बहती रहती है, जबकि प्रत्येक मौलिक साहित्य एक नई दिशा लेकर आता है। वह तमाम तरह की सामाजिक जड़ताओं

साहित्य
सिनेमा के आईने में मुस्लिम समाज

सिनेमा के आईने में मुस्लिम समाज

सच एक ऐसा शब्द है, जिसे बोलने का इस देश में दावा तो हर आदमी करता है. मगर यह बोला बहुत कम ही जाता है। यह एक अदभूत संयोग है कि हमारी मूक फिल्मों की

देश-दुनिया
अब हड़बड़ी में कृषि के साथ कोई गड़बड़ी न हो

अब हड़बड़ी में कृषि के साथ कोई गड़बड़ी न हो

अनिल तिवारी   अंग्रेजी में एक कहावत है 'हेस्ट मेक्स वेस्ट' यानी हड़बड़ी में गड़बड़ी की आशंका होती ही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ पर अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बदले घटनाक्रम

साहित्य
अच्छे दिन आयेंगे

अच्छे दिन आयेंगे

गौरी तिवारी   एक बहुत बड़े महानगर में एक बहुत छोटी कॉलोनी थी, जहां एक सीमित क्षेत्र में लगभग 20-25 परिवार रहते थे। सभी परिवार विभिन्न धर्म जातियों में बटे हुए थे लेकिन उन्हें जोड़ती

तीर्थाटन – पर्यटन
पर्यटन को मिलेगी मजबूती

पर्यटन को मिलेगी मजबूती

डॉ दिनेश प्रसाद मिश्र   विभिन्न सांस्कृतिक धरोहरों से ओतप्रोत भारत की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति विश्व में अद्वितीय है। विश्व के सात आश्चर्यों में से एक ताजमहल भारत में ही है तो सर्दियों की

तीर्थाटन – पर्यटन
अद्भुत, अलौकिक, अद्वितीय द्वारका

अद्भुत, अलौकिक, अद्वितीय द्वारका

डॉ सरोज कुमार पटनायक ------------------------- ब्रह्मवैवर्त पुराण भारतीय विद्या के विशिष्ट महाकाव्यों में से एक है जिसका अत्यंत महत्व है। इसमें भगवान कृष्ण के जन्म से लेकर स्वर्ग की यात्रा तक की महिमा को श्रीमद्भागवतम्

साहित्य
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी और आधुनिक लोकतांत्रिक दृष्टि

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी और आधुनिक लोकतांत्रिक दृष्टि

अनिल तिवारी   उत्तर प्रदेश के पूर्वी छोर पर स्थित बलिया जनपद का मशहूर ददरी मेला हिंदू पंचांग से प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर लगता है तथा इलाके की सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र तो

विचार
केवल विधिक शुद्धता ही नहीं नैतिक संवेदनशीलता भी चाहिए

केवल विधिक शुद्धता ही नहीं नैतिक संवेदनशीलता भी चाहिए

अनिल तिवारी     कानून की व्याख्या का एक स्वीकृत सिद्धांत है“उद्देश्यपरक व्याख्या”। इसका वास्तविक अर्थ यह है कि किसी अधिनियम को उस सामाजिक बुराई के आलोक में पढ़ा जाए जिसे समाप्त करने के लिए