दलों की बैसाखी बनने से जेन अल्फा का इनकार
अनिल तिवारी 15 अगस्त, 1947 को मिली आज़ादी से अब तक भारत की चार पीढ़ियाँ तैयार हो गयी हैं। पहली पीढ़ी शारीरिक रूप से जर्जर और बूढ़ी हो चुकी है। दूसरी वृद्धावस्था की
अनिल तिवारी 15 अगस्त, 1947 को मिली आज़ादी से अब तक भारत की चार पीढ़ियाँ तैयार हो गयी हैं। पहली पीढ़ी शारीरिक रूप से जर्जर और बूढ़ी हो चुकी है। दूसरी वृद्धावस्था की
गौरी तिवारी वह ऐसा न था, उसका मन निर्मल निर्झर था, वह निष्कपट और निर्भय था पर छल की धूल निरन्तर पड़ती रही, निर्मल निर्झर भी धीरे-धीरे दूषित हो गया। वह ऐसा न था,