अब यह मात्र कोई व्यथा नहीं, यह भीतर उठता प्रलय निनाद है मन रूपी ज्वालामुखी के गर्भ में सदियों से पलता हुआ यह...
भूत की याद में भविष्य के इंतजार में वर्तमान को भूल मत वर्तमान को भूल मत समय ना कभी रुका है और ना...
गौरी तिवारी जो विरह की वेदना से निकले वह अश्रु हूं मैं जो विरह के ताप से तपे वह क्रोध हूं मैं जो...
गौरी तिवारी कोई भी व्यक्ति दोषरहित या एकदम सही नहीं होता, उसमें कोई न कोई कमी अवश्य होती है, किंतु कमियों के...
सड़क ने गाँव खाली कर दिए : विकास की राह पर छूटती मिट्टी की महक एक समय था जब अरुणोदय पक्षियों के कलरव...
प्रकृति का चमत्कार अरे गुड़िया उठ भी जाओ, स्कूल नहीं जाना क्या? देर हो रही है।” माधव पिछले 15 मिनट से अपनी...
वह भोली थी जब तक गलतियां माफ करती गई वह बुरी हो गई जब स्वाभिमानी बन गई वह अच्छी थी जब तक सब...
गौरी तिवारी ना अंत है इसका ना आरंभ है कोई कथा है वह अनकही जिसे सुनना चाह हर कोई वह चंद्र...
गौरी तिवारी हां, मैं नहीं हूं बेघर पर मैंने देखा है सर्द रात में ठिठुरती जिंदा लाशों को देखा है मैंने मृत्यु...
अनिल तिवारी “खूबसूरत रिवाज होता है प्रेम में, कभी न मिलने वालों की भी राहें देखी जाती है।” आजकल सामाजिक संचार माध्यम...