Tuesday , 13 October 2026
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साहित्य

कलरव पत्रिका, जून-जुलाई 2007

kalrav-june-july-2007.pdf कलरव पत्रिका, वर्ष 2007 के जून-जुलाई माह का अंक।

साहित्य

मेरा संसार (कविता)

गौरी तिवारी    तुम वह मधुर गीत हो  मेरे अंतर्मन की भावनाओं की  तुम वह पहली मंज़िल हो  मेरे इस कठिन जीवन सफर...

Archive

विकसित भारत बरास्ता विकसित गांव

अनिल तिवारी केंद्र सरकार की पहल पर मनरेगा की जगहअब विकसित भारत गारंटी फार रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वी बी रामजी...

साहित्य

स्वतंत्रता (बाल कहानी)

गौरी तिवारी   क्रांति एकटक अनंत क्षितिज को नापती पतंगों को देख रहा था मानो वह भी उन्हीं रंग-बिरंगी पतंगों की दुनिया में...

विश्लेषण

दिमागी नक्सलवाद के निहितार्थ

अशोक त्रिपाठी 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि देश में...

विश्लेषण

सोशल मीडिया तय कर रहा युद्ध की दिशा

वीपी राहुल   ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष अब केवल मिसाइलों, ड्रोन  और होर्मुज जलडमरूमध्य तक सीमित नहीं रह गया...

विचार

शेर और शहर 

गौरी तिवारी मानव सभ्यता का निरंतर विकास हुआ है, भले ही उसकी गति धीमी हो किंतु निरंतर विकासशील रही है। लेकिन इसी विकास...

विचार

देवी और श्रृंखला की कड़ियां

गौरी तिवारी     मैं एक स्त्री हूं हां, हां , मैं एक साधारण मनुष्य हूं मत कहे ये समाज सम्मानित कर देवी...

देश-दुनिया

दर्द में जीने से अच्छा है सुकून से मरने का फैसला

अनिल तिवारी ————– जीवन-मरण के प्रसंग में किसी ने महात्मा विदुर से पूछा कि मनुष्य क्यों जन्म लेता है? उनका उत्तर था, मरने...