Sunday , 18 October 2026

धर्म-कर्म

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अति विचित्र रघुपति चरित

श्रीराम का नाम स्मरण आते ही आजीवन उनके द्वारा अपने महत और आदर्श कर्मों के द्वारा स्थापित एक ऐसी आदर्श छवि मनोमस्तिष्क के...

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सुलझे हुए व्यक्तित्व से संपन्न श्रीयुक्त सुमित्रा

डॉ. जयशंकर   अद्भुत व्यक्तित्व की धनी सुमित्रा अयोध्या के चक्रवर्ती महाराजा दशरथ की तीसरी महिषी थी। सबसे बडी कौशल्या, उसके बाद कैकेयी और...

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अनुपम गुणों से संपन्न रामकथा की अनसुनी नायिका उर्मिला

डा. जयशंकर   रामायण कालीन श्रेष्ठ चरित्रों में से एक चरित्र हैं उर्मिला जो विदेहराज राजा जनक और सुनयना की छोटी पुत्री और...

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धर्मचारिणी, तपोधना शबरी

 डा. जयशंकर शेरपुरवासी शबरी का जन्म भीलों की उपजाति शाबर समुदाय में श्रीराम से बहुत पहले हुआ था। इनका असली और मूल नाम...

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भाव, कुभाव, अनख, आलसहूं

अनिल तिवारी   ऋषि मार्कंडेय ने दुर्गा सप्तशती के पांचवें अध्याय में कहा है, ‘या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता’। और अगली पंक्ति में...

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संवत्सरफल और समय की दिशा का संकेत

   ज्योतिषाचार्य अरुण कुमार मिश्र   मानव जीवन केवल वर्तमान घटनाओं का क्रम नहीं, बल्कि समय, प्रकृति और चेतना के गहरे संबंधों का...