मानव और पशु
गौरी तिवारी पशुओं पर दोष मढ़कर मानव बचता आया है, अपने मन का हर अँधियारा उनके सिर पर थोपता आया है। गधा बना आलस्य का प्रतीक, बैल कहा गया जड़ बुद्धि, लोमड़ियों पर छल
गौरी तिवारी पशुओं पर दोष मढ़कर मानव बचता आया है, अपने मन का हर अँधियारा उनके सिर पर थोपता आया है। गधा बना आलस्य का प्रतीक, बैल कहा गया जड़ बुद्धि, लोमड़ियों पर छल
गौरी तिवारी कई बार वस्त्र, एक विरासत या धरोहर की भांति अपने भीतर सुख-दुःख के पल तथा अनेक तरह की स्मृतियां संजोए होते हैं। यदि वह वस्त्र साड़ी है तो एक बेटी के लिए
’गौरी तिवारी लोगों को पसंद आती है आसमान में उड़ती पतंग अपने मुताबिक खींच लें जिसकी उड़ान की बागडोर पर खराब लगते हैं सारे बंधनों को तोड़ बेखौफ उड़ते डेंडेलिया के फूल जो बढ़ते
अतुलित विद्या के सागर, अष्ट सिद्धि नवनिधियों के दाता हनुमान वनवासी आदिम कपीस जनजाति में पैदा हुए थे। इनके पिता का नाम केसरी और माता का नाम अंजना था। ये अपने माता पिता के छ
सरकार ने बैठाया और सरकार ने ही उठाया अनिल तिवारी राहत और स्वागत की बात है कि पिछले 25 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक अपनी पत्नी गीतांजलि की मौजूदगी में
परम्परा एवं प्रगतिशीलता के समन्वय चंद्रशेखर आजाद का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था, जो पारम्परिक रूढ़ियों से मुक्त नहीं था। यों भी उस समय के समाज में आज की तुलना में अधिक
अनिल तिवारी भारतवर्ष अपने आजादी का अमृत काल के गौरव का आनंद लेते हुए 76वां गणतंत्र दिवस मनाने के करीब पहुंच चुका है। 26 जनवरी 1950 में गणतंत्र बना भारत तमाम उपलब्धियां हासिल कर
डिजिटल कंटेंट क्रिएशन शिवनंदन लाल ग्रामीण युवाओं के लिए डिजिटल कंटेंट क्रिएशन रोजगार और स्वरोजगार का एक बेहतरीन माध्यम बन रहा है। ग्रामीण युवा अपने स्मार्टफोन और इंटरनेट का उपयोग करके कृषि, बागवानी,
गौरी तिवारी आँखें होती हैं साक्ष्य कभी इतिहास और भूगोल की कभी राजनीति और भ्रष्टाचार की कभी युद्ध और मानवता के पतन की कभी भुखमरी और निर्धनता की कभी क्रांति और संघर्ष की तो
वरुण कुमार पांडे कहते हैं इतिहास सब कुछ दर्ज करता है। निरंतर चल रही घटनाओं को साक्षी भाव से सहेज कर रखता है और समय आने पर आईने की तरह ब्लैक एंड व्हाइट