साक्ष्य (कविता)
गौरी तिवारी आँखें होती हैं साक्ष्य कभी इतिहास और भूगोल की कभी राजनीति और भ्रष्टाचार की कभी युद्ध और मानवता के पतन की कभी भुखमरी और निर्धनता की कभी क्रांति और संघर्ष की तो
गौरी तिवारी आँखें होती हैं साक्ष्य कभी इतिहास और भूगोल की कभी राजनीति और भ्रष्टाचार की कभी युद्ध और मानवता के पतन की कभी भुखमरी और निर्धनता की कभी क्रांति और संघर्ष की तो
वरुण कुमार पांडे कहते हैं इतिहास सब कुछ दर्ज करता है। निरंतर चल रही घटनाओं को साक्षी भाव से सहेज कर रखता है और समय आने पर आईने की तरह ब्लैक एंड व्हाइट
अनिल तिवारी पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर देश भर में बहस विमर्श जारी है। केंद्रीय मंत्रियों का तर्क है कि इससे किसानों की आय बढ़ती है विदेशी मुद्रा बचती है और प्रदूषण
नथून शाह गोंड समाज और राष्ट्र की रक्षा करने वाले संस्थानों को सरकार के ख़िलाफ बगावत करने का आह्वान तथा उन्हें उकसाया जा रहा था ताकि तख्तापलट किया जा सके और सत्तासीनों को सत्ताच्युत
अनिल तिवारी फीफा विश्व कप 2026 का असली जंग कल यानी 10 जुलाई से शुरू होगा। विश्व कप में कुल 48 टीमों ने हिस्सा लिया। प्री क्वार्टर मुकाबले पूरा होते ही 40 टीमों का
न्यास का वेटिकन न्याय अनिल तिवारी बीते 12 दिसंबर 2021 को नागपुर की एक सभा में विश्व हिंदू परिषद के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रविंद्र नारायण सिंह ने कहा था कि उनका और उनके
साहित्य का उद्देश्य सिर्फ घटनाओं का वृत्तांत प्रस्तुत कर समाज का चित्रण करना ही नहीं होता, अपितु मनुष्य के भीतर अचेतन संवेदनाओं को जागृत करना भी होता है। जो साहित्य समय के साथ अपना अर्थ
श्रीराम का नाम स्मरण आते ही आजीवन उनके द्वारा अपने महत और आदर्श कर्मों के द्वारा स्थापित एक ऐसी आदर्श छवि मनोमस्तिष्क के समक्ष उपस्थित हो जाती है जो हिमालय से भी अनगिनत गुना गर्वोन्नत,
गौरी तिवारी कुर्सी के लोभ में राजनीति अक्सर व्यापार बन जाती है स्वार्थ की विषैली धारा लोकतंत्र के निर्झर में घुल जाती है सेवा की पावन चौखट पर सत्ता का व्यापार सजा, जनविश्वासों के