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देश-दुनिया
तेल के खेल में झोल ही झोल

तेल के खेल में झोल ही झोल

अनिल तिवारी      पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर देश भर में बहस विमर्श जारी है। केंद्रीय मंत्रियों का तर्क है कि इससे किसानों की आय बढ़ती है विदेशी मुद्रा बचती है और प्रदूषण

विश्लेषण
इंदिरा गांधी के आपातकाल 1975 का विवेचनात्मक इतिहास

इंदिरा गांधी के आपातकाल 1975 का विवेचनात्मक इतिहास

नथून शाह गोंड   समाज और राष्ट्र की रक्षा करने वाले संस्थानों को सरकार के ख़िलाफ बगावत करने का आह्वान तथा उन्हें उकसाया जा रहा था ताकि तख्तापलट किया जा सके और सत्तासीनों को सत्ताच्युत

देश-दुनिया
अब शुरू होगी विश्व कप की असली जंग

अब शुरू होगी विश्व कप की असली जंग

अनिल तिवारी   फीफा विश्व कप 2026 का असली जंग कल यानी 10 जुलाई से शुरू होगा। विश्व कप में कुल 48 टीमों ने हिस्सा लिया। प्री क्वार्टर मुकाबले पूरा होते ही 40 टीमों का

देश-दुनिया
मजनूं को बुरा कहती है लैला मेरे आगे….

मजनूं को बुरा कहती है लैला मेरे आगे….

न्यास का वेटिकन न्याय अनिल तिवारी   बीते 12 दिसंबर 2021 को नागपुर की एक सभा में विश्व हिंदू परिषद के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रविंद्र नारायण सिंह ने कहा था कि उनका और उनके

साहित्य
पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी जी की जयंती पर विशेष

पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी जी की जयंती पर विशेष

साहित्य का उद्देश्य सिर्फ घटनाओं का वृत्तांत प्रस्तुत कर समाज का चित्रण करना ही नहीं होता, अपितु मनुष्य के भीतर अचेतन संवेदनाओं को जागृत करना भी होता है। जो साहित्य समय के साथ अपना अर्थ

धर्म-कर्म
अति विचित्र रघुपति चरित

अति विचित्र रघुपति चरित

श्रीराम का नाम स्मरण आते ही आजीवन उनके द्वारा अपने महत और आदर्श कर्मों के द्वारा स्थापित एक ऐसी आदर्श छवि मनोमस्तिष्क के समक्ष उपस्थित हो जाती है जो हिमालय से भी अनगिनत गुना गर्वोन्नत,

Archive
कलरव पत्रिका

कलरव पत्रिका

कलरव (मई 2026)   प्रस्तुत है मासिक पत्रिका, कलरव के मई 2026 का अंक।

काव्य कोना
कुर्सी की राजनीति

कुर्सी की राजनीति

गौरी तिवारी   कुर्सी के लोभ में राजनीति अक्सर व्यापार बन जाती है स्वार्थ की विषैली धारा लोकतंत्र के निर्झर में घुल जाती है सेवा की पावन चौखट पर सत्ता का व्यापार सजा, जनविश्वासों के

विश्लेषण
इंदिरा गांधी का 1975 का आपातकालः भारतीय राजनीतिक इतिहास का ‘क्रूर कालखंड’ या ‘स्वर्णकाल’?

इंदिरा गांधी का 1975 का आपातकालः भारतीय राजनीतिक इतिहास का ‘क्रूर कालखंड’ या ‘स्वर्णकाल’?

नथून शाह गोंड   वर्तमान की नरेंद्र मोदी सरकार ने वर्ष 2014 के बाद से देश में कई नई परंपराओं की शुरुआत की है, जिनमें से एक है - 'संविधान हत्या दिवस'। वर्ष 2024 में

उत्तर प्रदेश हलचल
चढ़ावा चोरी की चर्चा के बीच समय पूर्व चुनाव की अटकलें!

चढ़ावा चोरी की चर्चा के बीच समय पूर्व चुनाव की अटकलें!

अनिल तिवारी   उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव समय से पहले कराए जाने की अटकलें जोरों पर है! हालांकि अयोध्या राम मंदिर से चढ़ावा चोरी के मामले उजागर होने के बाद आए ठीठकाव से