हर घर में तिरंगा हो
~ डॉ. अशोक कुमार पाण्डेय दंत चिकित्सा विभाग, राम मनोहर लोहिया अस्पताल, दिल्ली सब में ज्ञान की गंगा हो कोई भूखा ना नंगा हो इंसान लोगों से जंग न हो ना कहीं कोई दंगा
~ डॉ. अशोक कुमार पाण्डेय दंत चिकित्सा विभाग, राम मनोहर लोहिया अस्पताल, दिल्ली सब में ज्ञान की गंगा हो कोई भूखा ना नंगा हो इंसान लोगों से जंग न हो ना कहीं कोई दंगा
नदी एवं साहित्य में यह बुनियादी फर्क है कि नदी एक ही दिशा में अनंतकाल तक बहती रहती है, जबकि प्रत्येक मौलिक साहित्य एक नई दिशा लेकर आता है। वह तमाम तरह की सामाजिक जड़ताओं
सच एक ऐसा शब्द है, जिसे बोलने का इस देश में दावा तो हर आदमी करता है. मगर यह बोला बहुत कम ही जाता है। यह एक अदभूत संयोग है कि हमारी मूक फिल्मों की
गौरी तिवारी एक बहुत बड़े महानगर में एक बहुत छोटी कॉलोनी थी, जहां एक सीमित क्षेत्र में लगभग 20-25 परिवार रहते थे। सभी परिवार विभिन्न धर्म जातियों में बटे हुए थे लेकिन उन्हें जोड़ती
अनिल तिवारी उत्तर प्रदेश के पूर्वी छोर पर स्थित बलिया जनपद का मशहूर ददरी मेला हिंदू पंचांग से प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर लगता है तथा इलाके की सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र तो