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Category: साहित्य

साहित्य
समय  (कविता)

समय (कविता)

भूत की याद में भविष्य के इंतजार में वर्तमान को भूल मत वर्तमान को भूल मत समय ना कभी रुका है और ना कभी रुकेगा तू खुद पर हौसला रख तभी तो आगे बढ़ेगा समय

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विरहिणी (कविता)

विरहिणी (कविता)

गौरी तिवारी जो विरह की वेदना से निकले वह अश्रु हूं मैं जो विरह के ताप से तपे वह क्रोध हूं मैं जो विरह के वेग से शांत हो जाए वह जल हूं मैं जो

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पी.टी.एम (कहानी)

पी.टी.एम (कहानी)

गौरी तिवारी   कोई भी व्यक्ति दोषरहित या एकदम सही नहीं होता, उसमें कोई न कोई कमी अवश्य होती है, किंतु कमियों के बावजूद वह किसी एक क्षेत्र में उत्तम होता है। मुझे भी यह

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सड़क ने गाँव खाली कर दिए

सड़क ने गाँव खाली कर दिए

सड़क ने गाँव खाली कर दिए : विकास की राह पर छूटती मिट्टी की महक एक समय था जब अरुणोदय पक्षियों के कलरव से होता था, और शाम चूल्हे की आँच के साथ ढलती थीं।

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बाल साहित्य

बाल साहित्य

प्रकृति का चमत्कार   अरे गुड़िया उठ भी जाओ, स्कूल नहीं जाना क्या? देर हो रही है।" माधव पिछले 15 मिनट से अपनी बेटी को जगाने की कोशिश कर रहा था। आज इस नई जगह

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स्त्री

स्त्री

वह भोली थी जब तक गलतियां माफ करती गई वह बुरी हो गई जब स्वाभिमानी बन गई वह अच्छी थी जब तक सब सहती गई वह बदतमीज हो गई जब अपने हक के लिए बोल

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अनकही कथा (कविता)

अनकही कथा (कविता)

गौरी तिवारी   ना अंत है इसका ना आरंभ है कोई कथा है वह अनकही जिसे सुनना चाह हर कोई   वह चंद्र सा सुशोभित है वह रागिनी कोई दीवानी सी   वह अनंत सा

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कविता

कविता

गौरी तिवारी   हां, मैं नहीं हूं बेघर पर मैंने देखा है सर्द रात में ठिठुरती जिंदा लाशों को देखा है मैंने मृत्यु से भयहीन आंखों को हां, मैं कह सकती हूं मैंने समझा है

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एक खूबसूरत रिवाज़

एक खूबसूरत रिवाज़

अनिल तिवारी   "खूबसूरत रिवाज होता है प्रेम में, कभी न मिलने वालों की भी राहें देखी जाती है।" आजकल सामाजिक संचार माध्यम (सोशल मीडिया) के मंचों पर इन पंक्तियों को बार-बार दोहराया जा रहा

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न बैठ यूं तू हार कर

न बैठ यूं तू हार कर

न बैठ यूं तू हार कर चल फिर से एक वार कर न रख तलवार को यूं म्यान में रख लक्ष्य को अपने ध्यान में बस तू चल दे तेरे निशान ज़मीं पे कुछ यूं