गौरी तिवारी कई बार वस्त्र, एक विरासत या धरोहर की भांति अपने भीतर सुख-दुःख के पल तथा अनेक तरह की स्मृतियां संजोए...
साहित्य का उद्देश्य सिर्फ घटनाओं का वृत्तांत प्रस्तुत कर समाज का चित्रण करना ही नहीं होता, अपितु मनुष्य के भीतर अचेतन संवेदनाओं को...
गौरी तिवारी शहर के एक छोटे निजी चिकित्सालय में उस दिन असामान्य भीड़ थी, किसी को बुखार था, कोई खाँसी से परेशान...
गौरी तिवारी रोहन सातवीं कक्षा का विद्यार्थी था। उसका स्वभाव अत्यंत चंचल तथा मिलनसार था, उसमें एक अच्छी बात थी कि वह...
गौरी तिवारी संध्या का अंधेरा धीरे-धीरे घर की खिड़कियों पर उतर रहा था। बैठक में रखे टेलीविज़न की रोशनी कमरे में गंभीरता...
गौरी तिवारी एक ओर स्वतंत्र, स्वच्छ, सुंदर और विकासशील भारत है और वहीं दूसरी ओर उसी भारत में कुछ लोग ऐसे भी...
गौरी तिवारी “माँ, ये देखिए, मैंने एक कविता लिखी है आपके लिए।” “दिखाई नहीं दे रहा? हम किसी से फोन पर बात...
गौरी तिवारी ईश्वर की भक्ति में मानव ये लीन है, देह पार्थिव, जगत नश्वर, कुछ नहीं शाश्वत है। है हृदय में सांत्वना, प्रेम...
गौरी तिवारी क्यों व्यर्थ अतीत की स्मृतियों में बंधे रहना वर्तमान के मधुर क्षणों को संजोना तो सीखो आखिर जिंदगी एक ही तो...
गौरी तिवारी ——————- आज मुझे अपनी बड़ी बुआ (शोभा तिवारी) के साथ आगाखान महल देखने का अवसर प्राप्त हुआ। मूला नदी के किनारे...