Sunday , 18 October 2026

साहित्य

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‘लपूझन्ना’: अंधेरे दौर में चमकते सितारों की कथा

हिमांशु जयहिंद बहुत लंबे समय से ‘लपूझन्ना’ मेरी पुस्तकों के रैक में पड़ी रही। इस मई माह की गर्मी में जब कहीं बाहर...

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पर्यावरण (कविता)

गौरी तिवारी ममता के दामन में धरा ने हमें समाया है पेड़ पौधों और जल के सागर से हमारा ये जीवन सजाया है।...

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अनुशासन

गौरी तिवारी सुबह आठ बजे आरव भारी बस्ता पीठ पर लटकाए विद्यालय जाने के लिए बस पकड़ने जा रहा था। उसकी चाल में...

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एक कली (कविता)

गौरी तिवारी एक कली थी जन्मी फाल्गुन में मुख पर तेज, अधरों पर मुस्कान लिए, दुखों की थी घोर घटा, उन कष्टों में,...

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मायाजाल (कहानी)

गौरी तिवारी अचानक दोपहर में लाउडस्पीकर के शोर के कारण घर की खिड़कियों में कम्पन होने लगा, मानो भूकंप आया हो और खिड़कियां...

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ऐसा क्यों होता है (कविता)

गौरी तिवारी ऐसा क्यों होता है हर सपना पूरा होने से पहले ही टूट कर बिखर जाता है ऐसा क्यों होता है हर...

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लघुकथा

ईश्वर और उतरन   “मैडम जी भइया का कोई पुराना बैग हो तो मुझे दे दीजिएगा, मेरी पूजा का बैग फट गया है।”...

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महावीर प्रसाद द्विवेदी और नवजागरण

गौरी तिवारी आज भी हिंदी साहित्य के विद्वान तथा प्रमुख आचार्य, महावीर प्रसाद द्विवेदी जी की रचनाओं को पढ़ते ही उन रचनाओं की...

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आत्मरक्षा (लघुकथा)

गौरी तिवारी  बेटी मेरी तुझे लोरी सुनाऊँ लोरी में कहानी मैं अपनी बतलाऊँ कहानी में दुनिया की रीत से मिलवाऊँ आ बेटी तुझे...

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मेरा संसार (कविता)

गौरी तिवारी    तुम वह मधुर गीत हो  मेरे अंतर्मन की भावनाओं की  तुम वह पहली मंज़िल हो  मेरे इस कठिन जीवन सफर...