ग़ज़ल
हक मुझे सिर्फ मेरा हक चाहिए, इश्क-विश्क तुम रख सकते हो। राहें इतनी भी कांटे भरी नहीं मेरी, तुम चाहो तो साथ भी चल सकते हो। तू मिल जाती जिंदगी में तो कोई गम नहीं
हक मुझे सिर्फ मेरा हक चाहिए, इश्क-विश्क तुम रख सकते हो। राहें इतनी भी कांटे भरी नहीं मेरी, तुम चाहो तो साथ भी चल सकते हो। तू मिल जाती जिंदगी में तो कोई गम नहीं
आलोक जयहिंद प्रसिद्ध राजनीतिक चिंतक निकोलो मैकियावेली ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'डिसकोर्सेज आन लिवी' में राजनीतिक व्यवहार के लिए हाथी के प्रतीक का इस्तेमाल किया है। उनकी राय में जिस तरह हाथी के खाने
अनिल तिवारी हर साल 5 जून को समूचा विश्व पर्यावरण दिवस मनाता है और बदलती जलवायु की समस्या से पार पाने के लिए सार्थक और सटीक उपाय करने के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता जाहिर
डा. जयशंकर रामायण कालीन श्रेष्ठ चरित्रों में से एक चरित्र हैं उर्मिला जो विदेहराज राजा जनक और सुनयना की छोटी पुत्री और सीता की अनुजा थी। उनको पुराणों में शेषनाग की पत्नी नागलक्ष्मी तथा
भई गति सांप छछूंदर केरी अनिल तिवारी कमोबेश 'डिलेमा एक्शन थ्योरी' के आईने में आभासी मंच पर गठित कॉकरोच जनता पार्टी (जिसके दो करोड़ से अधिक फॉलोअर हो चुके हैं) के मुखिया संस्थापक ने
अनिल तिवारी ------ रूस के महान साहित्यकार मैक्सिम गोर्की अपने देश के एक अन्य बड़े रचनाकार आंतोव चेखव से मिलने उनके घर गए। बातचीत के दौरान गोर्की ने चेखव से पूछा आप समाज के विभिन्न
गौरी तिवारी ईश्वर की भक्ति में मानव ये लीन है, देह पार्थिव, जगत नश्वर, कुछ नहीं शाश्वत है। है हृदय में सांत्वना, प्रेम सभी के लिए अपार है, पर मन में अहंकार, ईर्ष्या भी सभी