नाम : आजाद, पिताः स्वाधीनता, माता : भारत माता
अनिल तिवारी सन् 1919 में जनरल डायर ने अमृतसर (पंजाब) के जलियांवाला बाग में कहर ढाया और निहत्थे लोगों को गोलियों से भून डाला। 13 वर्ष की अवस्था में चन्द्रशेखर को पूरी तरह झकझोर कर
अनिल तिवारी सन् 1919 में जनरल डायर ने अमृतसर (पंजाब) के जलियांवाला बाग में कहर ढाया और निहत्थे लोगों को गोलियों से भून डाला। 13 वर्ष की अवस्था में चन्द्रशेखर को पूरी तरह झकझोर कर
अनिल तिवारी महंगाई अपना पैर पसारने लगी है। खुदरा और थोक दोनों स्तर पर महंगाई रिकॉर्ड ऊंचाई की ओर जा रही है। थोक महंगाई 3.8 से उठकर अब 8.6 का आंकड़ा छू चुकी है। जैसे-तैसे
निर्मल कुमार शर्मा हमारी पृथ्वी पर जीवन कैसे आया? 'यह बहुत ही गूढ़ प्रश्न है और उसका उत्तर पाना उतना ही जटिल भी है। प्रश्न है कि क्या पृथ्वी पर जीवन के लिए जरूरी तत्व
गौरी तिवारी एक कली थी जन्मी फाल्गुन में मुख पर तेज, अधरों पर मुस्कान लिए, दुखों की थी घोर घटा, उन कष्टों में, आई सम्पन्नता, घर में खुशियाँ जहान लिए। पर घर की चौखट ने
अनिल तिवारी धर्म। एक शब्द है, पर मामूली मत समझिएगा इस शब्द को। इस शब्द ने सदियों से मनुष्य के जीवन को दिशा दी है और उसकी गतिविधिओं को नियंत्रित किया है। इस शब्द की
गौरी तिवारी अचानक दोपहर में लाउडस्पीकर के शोर के कारण घर की खिड़कियों में कम्पन होने लगा, मानो भूकंप आया हो और खिड़कियां आपस में ज़ोर-जोर से टकराने लगी। तभी सीमा बालकनी में जाकर जाकर
डा. जयशंकर शेरपुरवासी शबरी का जन्म भीलों की उपजाति शाबर समुदाय में श्रीराम से बहुत पहले हुआ था। इनका असली और मूल नाम श्रमणा था। शाबर समुदाय में उत्पन्न होने के कारण इनको शबरी के
अनिल तिवारी ----- प्रधानमंत्री ने पिछले दो दिनों में देश की जनता को लगातार दो बार खरीदारी से परहेज करने और खर्चे में कटौती करने की सलाह दी हैं। खाड़ी के देशों में युद्ध के
गौरी तिवारी ऐसा क्यों होता है हर सपना पूरा होने से पहले ही टूट कर बिखर जाता है ऐसा क्यों होता है हर सच वास्तविक होने से पहले ही एक दिन सबसे बड़ा झूठ बन
(विश्व प्रौद्योगिकी दिवस) अनिल तिवारी नांदिक दूसरा दर्जा पास कर कक्षा तीन में पहुंचे हैं और कुंज अब छठवीं कक्षा के विद्यार्थी हैं। आदर्श विद्यार्थी का लक्षण पूछने पर तोते की तरह सुनाते हैं "काग